नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- चीन के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तिब्बत में बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी में इस सदी के दौरान जलप्रवाह बढ़ सकता है और बाढ़ का खतरा भी अधिक हो सकता है। चीन इसी नदी पर 168 अरब डॉलर की लागत से दुनिया का सबसे बड़ा बांध बना रहा। ऐसे में बांध की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। तिब्बत में इस नदी को यारलुंग त्सांगपो कहा जाता है। भारत में प्रवेश करने के बाद इसे ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता है। चीनी विज्ञान अकादमी और युन्नान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने दक्षिण-पूर्वी तिब्बती पठार में पेड़ों के तनों में बने वार्षिक छल्लों की चौड़ाई के आंकड़ों का इस्तेमाल करके 1325 से 2020 तक नदी के जलप्रवाह के इतिहास की जानकारी जुटाई है। शोधकर्ताओं ने आंकड़ों को जलवायु संबंधी जानकारी के साथ मिलाकर एक मॉडल तैयार किया। मॉडल से अनुमान ल...