नई दिल्ली, फरवरी 16 -- चीन अरुणाचल प्रदेश से महज 800 किलोमीटर दूर सिचुआन प्रांत की पहाड़ियों में गुपचुप तरीके से अपना परमाणु शस्त्रागार तेजी से बढ़ा रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उपग्रह चित्रों से साफ दिख रहा है कि जिटोंग और पिंगटोंग जैसी गुप्त सुविधाओं में बड़े पैमाने पर विस्तार और आधुनिकीकरण हो रहा है। यह चीन का परमाणु कार्यक्रम का तेज विकास है, जो अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बन चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, यह वृद्धि रूस और अमेरिका के बाद सबसे तेज गति से हो रही है, और इससे वैश्विक परमाणु संतुलन पर गहरा असर पड़ सकता है। इससे आगे केवल रूस (लगभग 5400) और अमेरिका (लगभग 5100-5200) हैं। चीन अब 2030 तक 1000 से अधिक परमाणु हथियारों का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के ...