औरंगाबाद, फरवरी 26 -- कृषि विज्ञान केंद्र सिरिस की वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चिल्हकी बिगहा गांव में स्ट्रॉबेरी एवं अन्य सब्जियों की वैज्ञानिक पद्धति से हो रही खेती का फील्ड विजिट किया। इसमें डॉ. प्रतिभा कुमारी, फसिलिटेटर सुरेश प्रसाद सिंह तथा डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस फॉर इनपुट डीलर्स के एक वर्षीय पाठ्यक्रम से जुड़े 40 प्रशिक्षणार्थियों ने दल ने खेतों में लगाए गए स्ट्रॉबेरी प्लॉट का अवलोकन किया और उत्पादन की तकनीकों की जानकारी ली। स्ट्रॉबेरी उत्पादक किसान बृज किशोर मेहता ने बताया कि पहले बिहार में स्ट्रॉबेरी की खेती प्रचलित नहीं थी। उन्होंने हरियाणा के हिसार में इसकी खेती देखी और प्रेरित होकर अपने क्षेत्र में इसकी शुरुआत की। आज जिले के विभिन्न भागों में स्ट्रॉबेरी की व्यावसायिक स्तर पर खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्...