नई दिल्ली, नवम्बर 5 -- लेज, बालाजी वेफर, पारले से लेकर यलो डायमंड्स तक बिस्किट और स्नैक्स कंपनियों के कमाऊ बेटों पर संकट है। कंपनियों के चिप्स और नमकीन का Rs.5 का छोटा पैकेट अब कम मुनाफे का सौदा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में कंपनियां इसे बंद भी कर सकती हैं। आलू, खाद्य तेल और पैकेजिंग की लागत बढ़ने से कंपनियों का मुनाफा लगातार घट रहा है। Rs.5 वाले पैकेट का वजन भी 3 साल में आधे से भी कम हो गया है। ऐसे में कंपनियां अब छोटे पैकेट की जगह Rs.10, Rs.20 और उससे बड़े पैकेट की बिक्री बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही हैं। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन से चार वर्षों में लेज और यलो डायमंड जैसे ब्रांड अपने 5 रुपये वाले पैकेट का वजन 25-30 ग्राम से घटाकर महज 11-14 ग्राम तक ला चुके हैं। हालांकि, अब कंपनियों के लिए वजन में और कटौती करना मुश्किल ...