चित्रकूट, सितम्बर 3 -- मंदाकिनी की प्रलयकारी बाढ़ ने धर्मनगरी चित्रकूट को 'जलनगरी' में तब्दील कर दिया है। पांच दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी ने हालात भयावह कर दिए हैं। रामघाट समेत अधिकांश गलियां और सड़कें जलमग्न हैं। करीब 400 दुकानें और 200 घर डूब गए हैं। लोगों को पलायन करना पड़ा है। नयापुल समेत कई मंदिर भी बाढ़ की भेंट चढ़ गए हैं। मंदाकिनी, बरदहा, बाल्मीकि और बाणगंगा नदियों के उफान से 156 गांवों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, 13 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने धर्मनगरी में जलप्रलय का संकट और गहरा दिया है। बीते शनिवार को जलप्रलय के बाद से मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। बुधवार को खतरे से निशान से तीन मीटर ऊपर पानी होने से फिर वहीं मंजर य...