कानपुर, जून 13 -- कानपुर। कानपुर चिड़ियाघर में रैबीज के संक्रमण जंगली कुत्तों के बच्चों के मरने से अधिकारी भी सकते में हैं। रैबीज का संक्रमण बाड़े तक कैसे पहुंचा, इसको लेकर अफसर उलझन में हैं। हालांकि, इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि बाड़े में कबर बिज्जू या नेवला घुस गए होंगे। इनके काटने से संक्रमण फैला होगा। चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल का कहना है कि जंगली कुत्ते के बच्चे कुछ माह पहले पैदा हुए थे। जंगली कुत्तों के बच्चों में सियार की तरह पैदाइशी रैबीज के वायरस नहीं होते हैं। वयस्क जंगली कुत्तों को एंटी रैबीज की वैक्सीन पहले से लगा था। ऐसे में बाड़े के अंदर नेवले या कबर बिज्जू से रैबीज का संक्रमण होने की संभावना ज्यादा है।

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