मोतिहारी, जुलाई 8 -- मोतिहारी, नगर संवाददाता। जिले में विभागीय उदासीनता से कुष्ठ उन्मूलन अभियान ठप पड़ गया है। एक समय था जब जिले में कुष्ठ को जड़ से मिटाने के लिए पूरी तंत्र सक्रिय थी। रोज जांच होती थी, दवा मिलती थी और कर्मचारियों की टीम गांव-गांव जाती थी, लेकिन आज वहीं व्यवस्था सांसें गिन रही है। कर्मचारी कम हैं, जांच बंद है , जिससे कुष्ठ की बीमारी के पांव पसारने का खतरा बढ़ गया है। 97 पंजीकृत, पर असली संख्या इससे कहीं अधिक : सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में इस समय 97 कुष्ठ रोगी पंजीकृत हैं। ये वही लोग हैं जो किसी तरह अस्पताल तक पहुंच गए। लेकिन जानकारों का कहना है कि यह आंकड़ा ऊंट के मुंह में जीरा है। जांच ही नहीं हो रही तो नए रोगी सामने कैसे आएंगे?पहले 72 कर्मचारी थे, अब गिनती के लोग : जिला स्वास्थ्य विभाग के पुराने दस्तावेज बताते हैं ...