पटना, अप्रैल 18 -- राज्य में चावल मिलरों से सांठगांठ के आरोपों से 13 साल बाद बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) के पदाधिकारी मो. मिर्जा आरिफ रजा को मुक्ति मिली। जांच एवं सुनवाई के क्रम में आरोपित मो. रजा 30 नवंबर 2022 को सेवानिवृत्त भी हो गए। किंतु, जब मुख्य जांच आयुक्त के संचालन में पूरे मामले की गहन जांच हुई तो इसमें आरोपी पदाधिकारी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया। यह मामला भोजपुर के चावल मिलरों से सांठगांठ कर 2012-13 और 2013-14 में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम को 1 करोड़ 68 लाख 86 हजार 214 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने से जुड़ा था। यह भी पढ़ें- 1 दोषी को बचाने में फंसे 6 अफसर, चुनाव में हुई थी बड़ी गड़बड़ी; डीएम को कार्रवाई करने का आदेश तब, मो. रजा भोजपुर में जिला प्रबंधक के रूप में तैनात थे। आरोपी पदाधिकारी मो. रजा पर धान...