नई दिल्ली, मई 29 -- मुंबई। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण भारत के लिए चालू खाता घाटे (सीएडी) और भुगतान संतुलन जैसे प्रमुख आर्थिक संकेतकों का प्रबंधन इस समय ज्यादा अहम हो गया है। नागेश्वरन ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि इस संघर्ष का असर कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ने से वैश्विक बाजार में ऊर्जा कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने कहा, ऊर्जा कीमतों में आए उछाल और उसके असर को देखते हुए चालू खाता घाटा और भुगतान संतुलन जैसे मुद्दों पर अभी अधिक ध्यान देना जरूरी हो गया है। यह भी पढ़ें- चालू खाता घाटे और भुगतान संतुलन पर ध्यान यह भी पढ़ें- EY रिपोर्ट: भारत के पास सिर्फ 4-5 दिन का रणनीतिक तेल भंडार! पेट्रोल, LPG और खाद की कीमतों पर बढ़ सकता है दबा...