चार हजार किलोमीटर से लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी बड़ी चुनौती
नई दिल्ली, नवम्बर 3 -- त्रिपुरा के बॉक्सानगर में सीमा सुरक्षा बल के जवानों पर कथित तस्करों और स्थानीय लोगों की भीड़ के हमले ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा व्यवस्था और सीमापार से होने वाली तस्करी पर एक बार फिर ध्यान खींचा है। अधिकारियों का कहना है कि इसे केवल स्थानीय विवाद मानना ठीक नहीं है। यह चुनौती केवल त्रिपुरा के एक सीमावर्ती गांव तक सीमित नहीं है। बल्कि पश्चिम बंगाल से लेकर असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम तक फैली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ, तस्करी, मानव तस्करी और सीमावर्ती अपराधों को रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है। सीमाओं पर बसी आबादी का फायदा तस्कर समूह उठाते हैं। यह भी पढ़ें- BSF जवानों को लाठी डंडों से मारा, राइफल भी छीनी; त्रिपुरा से आया हैरान करने वाला वीडियोसीमा की लंबाई और बाड़ लगाने की स्थि...
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