जमशेदपुर, अगस्त 12 -- कोल्हान विश्वविद्यालय में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पर अमल होता नहीं दिख रहा है। प्रावधान के मुताबिक चौथे साल में विद्यार्थियों को एडवांस रिसर्च के साथ स्नातक की डिग्री मिलनी थी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। विश्वविद्यालय के अधिकांश कॉलेज अधिकतर विषयों में संसाधन और शिक्षकों की भारी कमी का रोना रोकर चौथे साल में रिसर्च कराने से हाथ खींच रहे हैं। स्थिति यह है कि छठे सेमेस्टर की परीक्षा के बाद ही विद्यार्थियों को तीन साल वाली सामान्य स्नातक डिग्री थमाकर पाठ्यक्रम से एग्जिट दे दिया जा रहा है। मसलन जमशेदपुर को ऑपरेटिव कॉलेज में विज्ञान (फिजिक्स मेजर) के विद्यार्थियों को छठे सेमेस्टर के बाद एग्जिट मात्र का विकल्प दिया जा रहा है। जिन विद्यार्थियों में 7.5 सीजीपीए की न्यूनतम पात्रता ...