धनबाद, मार्च 30 -- केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों और एसोसिएशनों के मंच ने ट्रेड यूनियनों से आह्वान किया है कि वे एक अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाएं। यह दिन केंद्र सरकार की ओर से चार श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन के केंद्रीय नियमों की अधिसूचना के लिए पहले से घोषित तिथि है। ट्रेड यूनियनें लगातार इन श्रम-विरोधी, नियोक्ता-समर्थक श्रम संहिताओं का विरोध करती रही हैं, जिन्हें तथाकथित श्रम सुधार और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के नाम पर लाया गया है। 12 फरवरी की आम हड़ताल के बाद भी केंद्र सरकार इन श्रम संहिताओं को वापस लेने या इस मुद्दे पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ कोई सार्थक बैठक करने से बच रही है। इसके अलावा इन संहिताओं के मसौदा तैयार करने के चरण से ही ट्रेड यूनियनों जैसे हितधारकों से कोई परामर्श नहीं किया गया। इतने गंभीर मुद्दे पर...