नई दिल्ली, अगस्त 3 -- नई दिल्ली, अरविंद सिंह। देश के प्रमुख शहरों में डिलीवरी के लिए इस्तेमाल हो रहे इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) जहरीली हवा के खिलाफ जंग में अहम भूमिका निभा रहे। चार महानगरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई की हवा में 3.25 लाख से अधिक ईवी सालाना पांच लाख टन से ज्यादा कार्बन गैस को हवा में घुलने से रोक रहे। केंद्र सरकार के डिजिटल शून्यता डैशबोर्ड के ताजा आंकड़ों से ये खुलासा हुआ है। नीति आयोग ने चार महानगरों का अध्ययन किया गया है। डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बीते तीन साल में डिलीवरी क्षेत्र में ईवी की संख्या में 300 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहरी आबो-हवा में आए इस क्रांतिकारी बदलाव को देखते हुए भारत सरकार और नीति आयोग ने अब इसका दायरा पूरे देश में बढ़ाने क...