सोनभद्र, जून 18 -- म्योरपुर, हिंदुस्तान संवाद। स्थानीय ब्लॉक के बनवासी सेवा आश्रम में चार दिवसीय स्वराज साथी प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ पर गुरुवार को स्वराज साथियों के माध्यम से पौधों को जल अर्पित कर किया गया। इस दौरान कार्यशाला में 45 गांवों से 45 स्वराज साथी सहभागी का चयन किया गया। उद्घाटन सत्र में सन्दर्भ व्यक्ति के रूप में देवनाथ सिंह ने कहा कि एक स्वराज साथी की पहचान उसकी कथनी और करनी की एकरूपता से बनती है। समाज में विश्वास और सम्मान तभी प्राप्त होता है जब व्यक्ति अपने विचारों को व्यवहार में खरा उतारे। प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने कार्यानुभव साझा किए तथा गांवों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। यह कार्यशाला नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत...