भागलपुर, अगस्त 7 -- सुल्तानगंज, निज संवाददाता श्रावणी मेला में देश-विदेश से तरह-तरह के कांवरिये आते हैं। इनमें मुख्यतः चार प्रकार के कांवरिये सुल्तानगंज से बाबा धाम के लिए प्रस्थान करते हैं। इन कांवरियों में सर्वाधिक संख्या सामान्य बमों की होती है। सामान्य बम रास्ते में खाते-पीते उठते-बैठते कांवर यात्रा चार से पांच दिन में पूरी करते हैं। यह भी पढ़ें- श्रावण में उमड़ा आस्था का सैलाब-कांवर यात्रा बनी भक्ति, सादगी और समर्पण का प्रतीककांवरियों की विशेषता ये कांवरिया भारी-भरकम आकर्षक कांवर लेकर बोल बम का नारे लगाते आगे बढ़ते रहते हैं। कुछ सामान्य कांवरिया अपने मां-पिता को बहंगी पर बिठाकर तो कुछ कांवरिया गंगा जल के साथ शिवलिंग स्थापित कर चलते हैं।इसके बाद कुछ वर्षों से डाक बमों की संख्या में इजाफा हुआ है। डाक बम जल उठाने के साथ 24 घंटे के अंदर ...