लखनऊ, जून 2 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। पर्यावरण संरक्षण और लकड़ी की खपत कम करने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया हरित शवदाह गृह शुरू होने के छह महीने बाद भी लोगों का भरोसा नहीं जीत पाया है। दिसंबर 2025 में शुरू हुई इस सुविधा में अब तक केवल 11 शवों का ही दाह संस्कार हुआ है। करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गई व्यवस्था अधिकांश समय खाली पड़ी रहती है। नगर निगम ने यहां लकड़ी के स्थान पर कंडे और उपलों से अंतिम संस्कार की व्यवस्था की है। लोगों को आकर्षित करने के लिए प्रति कंडा पांच रुपये में दिया जा रहा है। इसके बावजूद अधिकांश परिवार पारंपरिक लकड़ी से ही अंतिम संस्कार कर रहे हैं। यही वजह है कि हरित शवदाह गृह अपेक्षित उपयोग नहीं पा सका。 यह भी पढ़ें- विद्युत चालित शवदाह गृह जल्द बनेगा, रद्धेपुरवा में भूमि चिह्...