औरैया, फरवरी 25 -- औरैया, संवाददाता। करीब 2.29 करोड़ रुपये के जीएसटी कर चोरी के खुलासे के बाद पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। आर्थिक अपराध के चलते चारों आरोपियों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की जा सकती है। उधर, उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। पुलिस को आशंका है कि फर्जी फर्मों के जरिए चल रहा यह खेल कई राज्यों तक फैला हो सकता है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने गरीब और जरूरतमंद लोगों को नौकरी या 10-15 हजार रुपये का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते और मोबाइल नंबर हासिल किए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी किरायानामा व बिजली बिल तैयार कर अलग-अलग नामों से जीएसटी फर्म रजिस्टर कराई जाती थीं। इसके बाद बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के फर्जी बिल और ई-वे बिल...
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