विनोद मुसान, मार्च 31 -- आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को जमीन की कमी के कारण थोड़ा धक्का लगा है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) प्रणाली स्थापित करने के लिए अभी तक उपयुक्त भूमि का चयन नहीं हो पाया है। पिछले साल दो हेली हादसों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में शासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल प्री-फेब स्ट्रक्चर के माध्यम से अस्थायी एटीसी व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष केदारनाथ और उत्तरकाशी में हुए दो भीषण हेलीकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जान चली गई थी। इन घटनाओं के बाद ही शासन ने संवेदनशील उड़ान क्षेत्रों में एटीसी प्रणाली अनिवार्य करने की कवायद शुरू की थी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम पल-पल बदल...