नई दिल्ली, मई 2 -- चार धाम, सारे ज्योतिर्लिंग और अमरनाथ की यात्रा के बाद भी आपको अंदर से अधूरापन लग रहा है? या आप ऐसा कभी पहले महसूस कर चुके हैं? तो आपको वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज की ये बात जरूर जाननी चाहिए। हाल ही में एक श्रद्धालु ने एकांतिक वार्तालाप के दौरान प्रेमानंद महाराज से यही सवाल पूछा है। उन्होंने बहुत ही आसान तरीके से ये बताने की कोशिश कि आखिर इन धार्मिक स्थलों पर यात्रा करने के बाद भी मन अधूरा सा क्यों लगता है? अपने जवाब में उन्होंने भगवान की कृपा के अनुभव से लेकर सत्संग की बात कही है। आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा है?प्रेमानंद महाराज ने कही ये बात मैंने पूरी की है ना इसलिए अधूरा है। इसी वजह से अधूरा है क्योंकि ये सब कर्ता भाव से हो रहा है ना। कहीं एक शब्द नहीं आया कि महाराज जी भगवान की कृपा से गुरुदेव की ...
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