चातुर्मास में बदल जाते हैं लड्डू गोपाल की सेवा के नियम, जान लें पूजा से लेकर भोग की सही विधि
नई दिल्ली, जुलाई 21 -- हिंदू धर्म में चातुर्मास को भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की भक्ति का खास समय माना जाता है। इस दौरान वर्षा ऋतु की नमी और उमस से मौसम का बुरा हाल होता है। ऐसे में घर में विराजमान लड्डू गोपाल की सेवा भी मौसम के अनुसार बदल जाती है। बाल स्वरूप भगवान की देखभाल में स्नान, वस्त्र, भोग, विश्राम और भक्ति सब कुछ सावधानी से किया जाता है। इससे ना सिर्फ उनकी कृपा बनी रहती है, बल्कि भक्त का मन भी शांत रहता है।चातुर्मास में लड्डू गोपाल की सेवा चातुर्मास वर्षा ऋतु में आता है, जब हवा में नमी ज्यादा होती है। ऐसे मौसम में लड्डू गोपाल को ठंड लगने या असुविधा होने की आशंका रहती है। इसलिए उनकी सेवा को मौसम के हिसाब से ढालना जरूरी हो जाता है। इस समय उनकी सेवा में सावधानी, प्रेम और शुद्धता का खास ध्यान रखना चाहिए।स्नान और वस्त्र बदलाव के नियम ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.