चातुर्मास प्रवचन में नरेश मुनि बोले चरित्र ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी
शामली, अगस्त 6 -- शामली। श्री श्वेतांबर जैन स्थानक मंदिर में आयोजित चातुर्मास महापर्व के अंतर्गत बुधवार को नरेश मुनि महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, चरित्र और आत्मसंयम का महत्व बताते हुए ज्ञान की अमृतवर्षा की। प्रवचन सुनने के लिए शामली सहित विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पहुंचे। अपने प्रवचन में नरेश मुनि महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में चरित्र की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चरित्रवान व्यक्ति ही समाज में सम्मान प्राप्त करता है और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान चातुर्मास के दौरान बद्री प्रसाद महाराज के संथारा की स्मृति भी मनाई जा रही है। उनका पूरा जीवन समाज और धर्म की सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने अपने दोनों पुत्रों के साथ दीक्षा ग्रहण कर त्याग और तपस्या का आदर्श प्रस्तुत किया। मुनि महाराज ने...
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