चातुर्मास आत्मशुद्धि और अहिंसा की साधना का पर्व : आचार्य सौरभ सागर
मेरठ, जुलाई 25 -- दिल्ली रोड स्थित माला फ्लोर मिल में आचार्य सौरभ सागर महाराज ने जैन धर्म में चातुर्मास यानी वर्षायोग के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि वर्षा ऋतु के चार माह में जैन साधु एक ही स्थान पर स्थिर रहकर साधना करते हैं। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर विहार नहीं किया जाता। शुक्रवार को आचार्य सौरभ सागर महाराज का विहार परतापुर की ज्ञान स्थली से प्रारंभ होकर दिल्ली रोड स्थित माला फ्लोर मिल तक संपन्न हुआ। सुरेंद्र कुमार जैन और उनके परिवार के साथ जैन समाज मेरठ के अध्यक्ष एवं वर्षायोग चेयरमैन सुरेश जैन रितुराज, प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी दिगंबर जैन बिरादरी मेरठ के सदस्य और समाज के वरिष्ठ लोगों ने आचार्य सौरभ सागर महाराज की मंगल आगवानी की। यह भी पढ़ें- Dehradun News: दून में आर्यिकारत्न 105 पूर्णमती माताजी का भव्य मंगल प्रवेश उन्होंने बताया कि ...
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