हल्द्वानी, जुलाई 25 -- हल्द्वानी। चातुर्मास आज देवशयनी एकादशी से शुरू होगा। सनातन परंपरा में मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और इस अवधि में सृष्टि के कल्याण से जुड़े दायित्वों का संचालन भगवान शिव करते हैं। इसी कारण सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक के चार महीनों में पूजा-पाठ, व्रत, उपवास और खान-पान के साथ विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों पर भी विराम रहता है। धर्माचायों का कहना है कि यह केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक संतुलन से जुड़े व्यावहारिक कारण भी हैं। विद्वानों के अनुसार पद्म पुराण और शिव पुराण में चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने का उल्लेख मिलता है। इसी अवधि में शिव आराधना का विशेष महत्व माना गया है। सावन...