नई दिल्ली, जनवरी 2 -- आचार्य चाणक्य अपनी नीतियों में परिवार, संतान और कुल की उन्नति पर विशेष जोर देते हैं। चाणक्य नीति के अनुसार, संतान केवल उत्तराधिकारी नहीं, बल्कि घर के भाग्य का आधार होती है। अगर संतान में कुछ विशेष गुण हों, तो माता-पिता भाग्यशाली माने जाते हैं और घर का भाग्य चमक उठता है। चाणक्य कहते हैं कि ऐसे गुणों वाली संतान कुल को ऊंचा उठाती है, धन-समृद्धि लाती है और माता-पिता को जीवन में सुख-शांति देती है। ये गुण संस्कार, चरित्र और बुद्धि से जुड़े हैं। चाणक्य नीति में इन गुणों का वर्णन है कि ऐसे बच्चे घर का नाम रोशन करते हैं और माता-पिता को गर्व का अनुभव कराते हैं। आइए जानते हैं वो 4 गुण जो माता-पिता को भाग्यशाली बनाते हैं।विद्या और बुद्धि का गुण आचार्य चाणक्य कहते हैं - 'विद्या से बड़ा कोई धन नहीं।' अगर संतान विद्या प्रेमी, बुद्ध...
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