प्रयागराज, जुलाई 26 -- प्रयागराज। प्रयागराज करछना स्थित पतुलकी निवासी लालमणि यादव के कारगिल युद्ध में शहीद होने की सूचना से परिवार पर जैसे दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा था। एक पल में परिवार का मुखिया छिन गया और पत्नी के साथ चार छोटे बच्चों के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। ऐसे कठिन दौर में रिश्ते में भतीजे धर्मेंद्र यादव ने बेटे का फर्ज निभाते हुए पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। उन्होंने न केवल परिवार को टूटने से बचाया, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। शहीदलाल मणि के परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां थीं। शहादत के समय सबसे बड़ी बेटी की उम्र महज 12 वर्ष थी। पिता का साया उठने के बाद बच्चों की परवरिश, शिक्षा और भविष्य को लेकर परिवार गहरे संकट में था। ऐसे समय में धर्मेंद्र ने परिवार...