चाकुलिया के जंगलों में चिरौंजी का उत्पादन कम होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को झटका
घाटशिला, मई 21 -- चाकुलिया: चाकुलिया वन क्षेत्र के जंगलों में चिरौंजी (चार) का उत्पादन कम होने से वनोत्पाद पर आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को झटका लगा है। चिरौंजी के फल कम होने से बीज की प्राति कम हुई है और इससे ग्रामीणों की आय कम हुई है। क्योंकि इस मौसम में ग्रामीण चिरौंजी का फल तोड़कर और बीज निकाल कर बेचते हैं। इस वर्ष 300 रूपये प्रति किलो की दर से चिरौंजी का बीज बिक रहा है।
चिरौंजी के उत्पादन में कमी चिरौंजी का कम उत्पादन होने के कारण जंगलों में पेड़ों की कटाई, अवैध खनन और हाथियों द्वारा चिरौंजी के पेड़ों को तोड़ा जाना है। जानकारी हो कि इस मौसम में चिरौंजी एक प्रमुख कीमती वनोत्पाद है। यह ग्रामीणों के रोजगार का एक प्रमुख साधन है। चिरौंजी का फल तोड़कर ग्रामीण लाते हैं और उसका बीज निकालते हैं। फिर धूप में सूखा कर छोटे व्यापारियों के बेचते...
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