गोड्डा, मार्च 16 -- महगामा प्रतिनिधि । प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत धर्मोडीह पंचायत के चांदसर गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। परम पूज्य देवी आरती जी ने कहा कि आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान के पास सब कुछ है, लेकिन शांति नहीं है। भागवत कथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यह अशांत मन को स्थिर करने की औषधि है। जैसे शरीर की शुद्धि के लिए स्नान जरूरी है, वैसे ही आत्मा की शुद्धि के लिए 'हरि-कथा' का श्रवण अनिवार्य है। श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को कावड़ में बिठाकर तीर्थयात्रा कराई। उनका नाम आज भी सेवा पर्यायवाची है। उन्होंने कहा कि भक्ति पुंडलिक वे अपने माता पिता के चरण दबा रहे थे तब स्वयं भगवान विट्ठल द्वार पर आए। पुंडलिक ने भगवान को इंतज़ार कराया और माता-पिता की सेवा को प्रधा...