चांदनी से शादी करना चाहता हूं, परिजन खिलाफ, हाईकोर्ट में खुलकर बोला हिंदू से मुस्लिम बना आयुष
प्रयागराज, सितम्बर 17 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष मलिक धर्मांतरण प्रकरण एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। कोर्ट ने आयुष को अपना जीवन अपने अनुसार जीने के लिए स्वतंत्र कर दिया है।शामली के चर्चित धर्मांतरण मामले में बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश पर शामली पुलिस ने दवा व्यवसायी देवराज मलिक और उनके बेटे आयुष मलिक को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान आयुष साफ कहा कि उसने 2014 में अपनी मर्जी से बिना किसी दबाव, प्रलोभन या धमकी के इस्लाम धर्म अपनाया था। वह चांदनी कुरैशी से शादी करना चाहता है। उसके परिजन इस फैसले के खिलाफ हैं। आयुष ने कहा कि उसके परिजनों की शिकायत पर कोतवाली में चांदनी कुरैशी व परिजनों पर गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। चार जून से उसे बंधक बनाकर रखा गया था। आयुष के दोस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.