आदित्यपुर, मई 29 -- चांडिल। चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2026 में पांच महीने (मई तक) के भीतर रफ्तार ने 44 लोगों की जिंदगियां निगल ली है। यानी हर महीने औसतन 9 लोगों की सड़क हादसे में जान जा रही है। वर्ष 2025 में मौत का आंकड़ा 70 के करीब थी। वर्ष 2026 के आधा साल नहीं बीता कि 44 लोगों की विभिन्न सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। जिसमें सिर्फ पारडीह काली मंदिर से नागासेरेंग तक 40 किलोमीटर की टाटा-रांची हाइवे (एनएच-33) पर 27 मौतें शामिल हैं। यह आंकड़े काफी डरावने हैं। जिसमें चौका थाना क्षेत्र में 14 मौतें और चांडिल थाना क्षेत्र में 13 मौतें शामिल हैं। सड़क हादसे के कारण टाटा-रांची हाइवे खून से लहू लुहान हो चुकी है। जिसमें कई कमाऊ पुत अपनी जान गवां चुके हैं। यह भी पढ़ें- एनएच 31 पर दुर्घटना रोकने के लिए...