सुल्तानपुर, जून 28 -- धनपतगंज, संवाददाता निचले पायदान तक योजनाओं को दिलाने का सरकारी दावा तार-तार हो रहा है। आकाशीय हुई मौत के साल भर बाद भी पत्नी को मुवावजा नहीं दिया गया। पीड़िता ग्राम प्रधान से लेकर जिलाधिकारी ही नही बल्कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में अपनी फरियाद लगाकर थक चुकी है। अब जीवन यापन का सहारा भी नही दिख रहा है।मामला विकास खण्ड धनपतगंज के हरौरा अंतर्गत पूरे कुलपति गांव का है। गांव में हरिराम व उनकी पत्नी धनपता अकेले रहती थी। उनके कोई संतान नही है। 15 जुलाई 2025को पति पत्नी खेत ने काम कर रहे थे। पत्नी धनपता अपने पति को पानी लाने खेत के मेड पर गई थी कि अचानक तेज गरज के साथ हुई बारिश के बीच अचानक तड़तड़ाहट की आवाज में गिरी आकाशीय बिजली ने धनपता के पति हरिराम को हमेशा के लिए उनसे अलग कर दिया। वही उनकी मौत हो गयी। मौत के बाद तत्कालीन उपजि...