चलते-चलते-- स्टीफन हॉकिंग जैसी बीमारी का मिलेगा हल
नई दिल्ली, सितम्बर 20 -- - 50 मिलीग्राम की तीन और 75 मिलीग्राम की तीन खुराक दीं
कैसे दी गई दवा - रीढ़ हड्डी के पास इंजेक्शन लगाकर दी गई दवाई सिडनी, एजेंसी। महान वैज्ञानिकों में शुमार स्टीफन हॉकिंग जिस दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी से जूझ रहे थे, उसके इलाज के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है। वैज्ञानिकों ने दुनिया में पहली बार एमियोट्रॉफिक लेटरल स्क्लेरोसिस जैसी मोटर न्यूरॉन बीमारी से जूझ रहे एक व्यक्ति को जीन-आधारित आरएनए थेरेपी दी है। इसके शुरुआती नतीजे सकारात्मक मिले हैं।
इलाज का अनुभव ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय के न्यूरोलॉजिस्ट स्टीव वुसिक का कहना है कि ये नतीजे पहला कदम हैं। इस इलाज को मरीज में मौजूद एक खास आनुवंशिक बदलाव को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया था। इलाज शुरू होने के करीब एक साल बाद मरीज के बीमारी से जुड़े कुछ लक्षणों मे...
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