चलते-चलते-- आज ही के दिन...1928
नई दिल्ली, अक्टूबर 11 -- 12 अक्टूबर 1928 के दिन पहली बार अमेरिका में 'आयरन लंग' मशीन का इस्तेमाल किया गया। पोलियो से पीड़ित जिन मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती थी, उनके लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था। पहली बार एक बच्ची पर इसका प्रयोग किया गया था। - 1927 में आयरन लंग मशीन की खोज फिलिप ड्रिंकर और लुईस शॉ ने की थी।- यह मशीन एक बड़े धातु के सिलेंडर जैसी होती थी। इसमें मरीज का शरीर गर्दन तक बंद रहता था और सिर बाहर रहता था।- मशीन में हवा का दबाव घटाया और बढ़ाया जाता था। जब दबाव कम होता, तो मरीज की छाती फैलती और हवा फेफड़ों के भीतर जाती। दबाव सामान्य होने पर छाती सिकुड़ती और हवा बाहर निकलती।- 12 अक्टूबर 1928 को पोलियो से पीड़ित आठ साल की बच्ची बर्था रिचर्ड पर इसका सफल प्रयोग किया गया।- 1930 और 1940 के दशक में पोलियो की महामारियों के दौरान आ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.