नई दिल्ली, जुलाई 5 -- पहली बार बच्चे को लगा था रेबीज का टीका इंट्रो

रेबीज टीके का इतिहास दुनियाभर में टीकाकरण के आधुनिक युग की शुरुआत 6 जुलाई 1885 को हुई मानी जाती है। इसी दिन फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुई पाश्चर ने एक बच्चे पर रेबीज वैक्सीन का प्रयोग किया था। यह प्रयोग सफल रहा। आज विश्व जूनोसिस दिवस भी है। जानवरों से इंसानों में फैलनेवाली संक्रामक बीमारियों के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए यह मनाया जाता है।

जोसेफ मीस्टर की कहानी -6 जुलाई 1885 को लुई पाश्चर ने पहली बार किसी इंसान पर रेबीज की प्रायोगिक वैक्सीन का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया -मरीज 9 साल का जोसेफ मीस्टर था, जिसे एक रेबीज-ग्रस्त कुत्ते ने बुरी तरह से 14 बार काटा था। -दस दिनों में 13 इंजेक्शन लगने के बाद, वह लड़का चमत्कारिक रूप से बच गया और उसे रेबीज नहीं हुआ।

वैक्सीनेशन की सफलता...