चलती ट्रेन में ऊपर की बर्थ से गिर गया यात्री, दिल्ली HC ने दिया मुआवजे का आदेश
नई दिल्ली, सितम्बर 11 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने माना है कि चलती ट्रेन में ऊपर की बर्थ से किसी यात्री का गलती से गिरना रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत एक अप्रिय घटना है। हाई कोर्ट ने कहा कि इसे सिर्फ इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दिल संबंधी बीमारी को बताया गया है। जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की पीठ ने यह बात श्याम सिंह और एक अन्य की उस अपील को मंजूरी देते हुए कही, जिसमें संजीव कुमार की मौत के बाद उनके मुआवजे के दावे को खारिज करने वाले रेलवे दावा अधिकरण के आदेश के खिलाफ अपील की गई थी। पीठ ने अधिकरण के फैसले को रद्द कर दिया है। पीठ ने अपील करने वालों को कानून के हिसाब से मुआवजे का आकलन करने के लिए मामला रेलवे अधिकरण के पास वापस भेज दिया है। पीठ ने कहा कि अदालत के आदेश के दो महीने के भीतर मुआवजा तय कर पीड़ित परि...
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