पणजी, सितम्बर 30 -- न्यायाधीशों को चर्चित मामलों में फैसला करते समय कभी भी 'मीडिया ट्रायल' या जन समीक्षा से प्रभावित नहीं होना चाहिए। यह बात झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक रोशन ने मंगलवार को कही। जस्टिस रोशन 'इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च' (आईआईयूएलईआर) के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हालांकि एआई वर्तमान न्यायिक प्रणाली की जगह नहीं लेगी। लेकिन यह नियमित कार्यों को निपटाने में महत्वपूर्ण रूप से सहायता कर सकती है और समग्र दक्षता में सुधार कर सकती है। उन्होंने दक्षिण गोवा में भारतीय विधिज्ञ परिषद न्यास द्वारा संचालित विधि संस्थान आईआईयूएलईआर के छात्रों के साथ एक संवाद सत्र के दौरान न्यायिक आचरण के विभिन्न पहलुओं और उभरते कानूनी परिदृश्य पर अपने विचार साझा किए। संवाद के दौरान जस्टिस रोशन...
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