लखीसराय, नवम्बर 27 -- बड़हिया, निज प्रतिनिधि। खुटहा पूर्वी पंचायत का चेतन टोला हैरानी, दुख और गहरी बेचैनी से घिरा हुआ है। कारण आईटीबीपी जवान रहे विकास कुमार ने बीते अश्विन माह में संपन्न हुए दुर्गा पूजा के दौरान वर्षों से चली आ रही बकरे की बलि की परंपरा को अपने विरोध के दम पर रोक दिया था। लेकिन करीब दो महीने बाद उसी दुर्गा मंदिर के सामने उसने स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों के बीच यह गूंजता सवाल अब भी खड़ा है कि जिसने बलि रोकने का साहस दिखाया, वही अंत में अपनी बलि देने पर कैसे मजबूर हो गया? जानकारी अनुसार चेतन टोला स्थित दुर्गा मंदिर में हर वर्ष दुर्गा पूजा की संपन्नता के दिन बकरे की बलि दी जाती थी। इसे लोग परंपरा, समृद्धि और धार्मिक प्रथा का हिस्सा मानते आए थे। लेकिन अश्विन माह में हुए हालिया दुर्गा पूजा में विकास कुमार ने...
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