चम्पावत, अगस्त 28 -- जगदीश, चम्पावत। चम्पावत में कई स्थानों पर श्रावणी उपाकर्म का आयोजन किया। पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के बीच जनेऊ और रक्षा सूत्र की प्रतिष्ठा की। लोगों ने स्नान के बाद नई जनेऊ धारण की। चम्पावत में शुक्रवार को कई स्थानों पर श्रावणी उपाकर्म हुआ। दिन भर वेदोक्ता ऋषय तृपंताम, वंशोक्ता ऋषय तृपंताम के मंत्र गूंजते रहे। कार्यक्रम में पुरोहितों ने जनेऊ और रक्षा धागा की प्रतिष्ठा की। स्नान के बाद सभी ने नया जनेऊ धारण किया। परंपरा के अनुसार रक्षा धागा की प्रतिष्ठा करने के बाद पंडित यजमानों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधते हैं। रक्षासूत्र बांधते समय पुरोहितों ने येन बद्धो बली राजा, दानवेंद्रो महाबल, तेन त्वांहम प्रतिबद्धामि रक्षं माचल माचल.. का जाप किया। यह भी पढ़ें- गंगा तट पर गूंजे वैदिक मंत्र, श्रद्धालुओं ने बदला जनेऊ पुरोहितों ने सप...