उरई, जनवरी 7 -- आटा। चमारी गोशाला में इस समय 588 गोवंश संरक्षित हैं। यहां हरे चारे के साथ-साथ अन्य आहार भी दिया जा रहा है। और अलाव से लेकर अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक दिखाई पड़ी लेकिन सर्दी के चलते कुछ मवेशियों की मौत की घटनाएं सामने आई हैं। गोशाला की संचालिका विनीता पाण्डेय का कहना है कि यहां अधिकांश गोवंश वृद्ध अवस्था के हैं। इसके अलावा कई लोग मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं, जो पहले पन्नी और अन्य अपशिष्ट खा लेते हैं। ऐसे मवेशी जब गोशाला में लाए जाते हैं तो भूसा नहीं खा पाते, जिससे उनकी हालत बिगड़ जाती है और मौत हो जाती है।
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