नई दिल्ली, अक्टूबर 11 -- देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी से भारत आए यूट्यूबर ध्रुव राठी को रविवार को रिहा कर दिया गया। शनिवार को गुरुग्राम के अपने घर से उठाए गए ध्रुव राठी ने हिरासत से निकलने के बाद इसे 'किडनैपिंग' कहा है। राठी ने एक वीडियो जारी करके आरोप लगाया कि सिविल ड्रेस में आए पुलिसकर्मी उन्हें घसीटते हुए अपने साथ ले गए। हरियाणा के रहने वाले सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर ने कहा कि इस दौरान उन्हें चोटें आईं और चप्पल तक पहनने का मौका नहीं दिया गया। 8 अक्टूबर को बेंगुलुरु में आयोजित प्रदर्शन से ठीक पहले भारत लौटे ध्रुव राठी शनिवार को सीजेपी के जंतर-मंतर 2.O आंदोलन में हिस्सा लेना चाहते थे। एक दिन पहले उन्होंने इंडिया गेट के सामने वीडियो बनाते हुए इसकी घोषणा भ...