संभल, मार्च 28 -- शहर में चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि को बहुत खास माना जाता है। इस दिन को महानवमी के साथ-साथ रामनवमी के रूप में भी मनाया जाता है। जहां एक ओर लोग इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। वहीं दूसरी ओर भगवान श्रीराम की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। इसलिए नवरात्र का अंतिम दिन रामनवमी कहलाता है। भगवान राम का जन्म दोपहर के समय, कर्क लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ था। यही कारण है कि इस दिन दोपहर के समय उनकी पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। शहर के सभी मंदिरों में सुबह से ही भीड़ रही और श्रद्धालुओं ने हवन पूजन कराकर कन्या बरुआ जमाये। शाम को शहर में जुलूस निकाला गया। शुक्रवार को शहर के प्रसिद्ध रामबाग श्री सिद्धिदात्री देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मां...