चतरा, मई 11 -- सिमरिया, प्रतिनिधि। चतरा जिले में सात आठ साल पहले तक शांति थी। पर जब से चतरा जिले के टंडवा में मगध और आम्रपाली कोल परियोजना शुरू हुई तब से सड़कों पर मौत का तांडव शुरू शुरू हो गया है। पिछले आठ वर्षों में लगभग 700 जाने जा चुकी है। इसमें इंसानी और कई आठ नौ दर्जन पशु शामिल हैं। ऐसा इसलिए कि कोयला ढोने वाले वाहन नौसिखिए चलाते हैं। न तो ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत और ना ही अनुभव की दरकार। पर जिला परिवहन विभाग को इससे कोई लेना देना नहीं। जिला परिवहन विभाग दो महीने में एक बार अचानक पहुंचता है, और वो भी ट्रांसपोर्टरों को पहले खबर भी हो जाती है। मतलब महज खानापूर्ति होती है। चतरा जिले में एनएच हंटरगंज के गोसाईडीह से सिमरिया के बिरहु तक गुजरती है। चतरा जिले के पिपरवार से निकलने वाला कोयला अधिकतर हंटरगंज होकर गुजरता है। जबकि मगध और आम्रपा...
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