नई दिल्ली, मई 29 -- शहर की तेज रफ्तार जिंदगी, आसमान छूती इमारतें, मोटी तनख्वाह और आकर्षक लाइफस्टाइल। IT सेक्टर की यह चकाचौंध इंजीनियरिंग की राह पकड़े हर युवक का सपना होती है। जरा सोचिए कि सालों की पढ़ाई और इस माहौल को छोड़, कोई मिट्टी से जुड़ने के लिए खेती की राह चुन ले और वही मिट्टी उसकी आखिरी मंजिल बन जाए। किस्मत का ऐसा ही एक क्रूर खेल बेंगलुरु के एक युवा टेक प्रोफेशनल के साथ हुआ है, जिसने खेती के लिए कॉर्पोरेट की दुनिया तो छोड़ दी, लेकिन काल ने उसे खेत में ही अपना शिकार बना लिया। कहानी कर्नाटक के कोदागु जिले के मदिकेरी के पास हेरवानंद गांव के रहने वाले होसोकुलु रोशन बालकृष्ण की है। IT यानी इंफर्मेशन टेक्नोलॉजी क्षेत्र में अच्छा जीवन गुजार रहे होसोकुलु को शायद नहीं पता था कि उनका जुनून ही उनकी जान का दुश्मन बन जाएगा। वह अब इस दुनिया में...