नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में एक वनरक्षक की हत्या और रेत माफियाओं द्वारा राज्य को राजस्थान से जोड़ने वाले चंबल पुल की बुनियाद के इर्द-गिर्द रेत खनन को चौंकाने वाली घटनाएं और राज्य सरकार की विफलता करार दिया। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश सरकार को फटकार लगाई। न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि या तो राज्य सरकार चंबल नदी पर अवैध खनन को रोकने में विफल रही है या ऐसा राज्य के अधिकारियों की मिलीभगत से किया जा रहा है। पीठ ने कहा कि वे पुल (की बुनियाद) की खुदाई कर रहे हैं और अगर पुल गिर जाता है, तो कौन जिम्मेदार होगा? तस्वीरें खुद ही सबकुछ बयां कर रही हैं। यह भी पढ़ें- चंबल पुल की बुनियाद खोदने पर मध्य प्रदेश को फटकार इसने कहा कि वन अधिकारियों को रेत माफियाओं द्वारा कुचल दिया जाता है और एक पुल...