नई दिल्ली, जुलाई 6 -- कांग्रेस ने सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट से चंपत राय तथा अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने को वित्तीय अनियमितताओं की स्वीकारोक्ति करार दिया। साथ ही आरोप लगाया कि केवल कुछ लोगों के हटने से मामला खत्म नहीं जाता। पूरे ट्रस्ट को भंग कर इस प्रकरण की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए। पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि ट्रस्ट द्वारा यह स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है कि पिछले कुछ समय से सामने आ रही वित्तीय अनियमितताओं की खबरें सही थी। उन्होंने कहा कि भगवान राम के मंदिर को वर्षों से लूटने वाले लोगों को हटाया जाना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। खेड़ा ने कहा कि यह घोषणा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की ओर से की गई, जबकि वित्तीय मामलों की ...