चंद्रशेखर के लोकतंत्र में अंतिम व्यक्ति की भी भूमिका
वाराणसी, जुलाई 8 -- वाराणसी। महात्मा गांधी और समाजवादी नायक चंद्रशेखर ने जिस लोकतंत्र की परिकल्पना की उसमें भारत के अंतिम व्यक्ति की भूमिका जरूरी थी। चंद्रशेखर उस गांधीवादी परंपरा के वाहक थे जो देश में जाति, धर्म, क्षेत्र, नस्ल आदि के आधार पर किसी भी विभाजन की राजनीति की मुखालफत में हमेशा खड़ी रही है। ये बातें राज्यसभा सांसद प्रो.मनोज झा ने कहीं। वह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 19वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को अस्सी स्थित गोयनका संस्कृत पाठशाला के नवनिर्मित सभागार में आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। 'राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, चंद्रशेखर और भारत का लोकतांत्रिक भविष्य' विषयक संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि गांधी और चंद्रशेखर भारत का मुस्तकबिल हैं। यह भी पढ़ें- पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को भारत रत्न देने की शैलेन्द्र प्...
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