चंद्रप्रभा साहित्यिक संस्था की मासिक गोष्ठी में कवियों ने बांधा समा
चंदौली, जून 7 -- चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। नगर स्थित आदित्य पुस्तकालय सभागार में रविवार को चंद्रप्रभा साहित्यिक संस्था की ओर से मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्रीय कवियों ने अपने काव्य पाठ के माध्यम से लोगों को खूब गुदगुदाया। काव्य गोष्ठी का शुभारंभ कवि तेजबली अनपढ़ ने वाणी वंदना से की।
कवियों की प्रस्तुतियाँ काव्य पाठ के क्रम में कवि राजेश विश्वकर्मा राजू ने ऐब से होला अपने अनजान आदमी, राखे दूसरा पे हरदम धियान आदमी सुनाकर इंसान की प्रवृत्ति को उजागर किया। संस्था के अध्यक्ष कवि बेचई सिंह मालिक ने जब गैस बन ही रहि है पेट में तो कच्चा अंग चबाओ, सिलेंडर के लिए मत घबराओ, मोदी की महंगाई की महिमा गांवों सुनाकर गैस सिलेंडर की महामारी पर व्यंग्यकसा। कवि बंधु पाल बंधु ने गढही जिसे समझा समुंदर निकल गया सुनाया।
विशेष रचनाएँ कवि ...
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