रिषिकेष, मार्च 3 -- फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर साल का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को लगा। चंद्रग्रहण के सूतक काल के चलते दिनभर तीर्थनगरी के मंदिरों के कपाट शाम साढ़े छह बजे तक बंद रहे। रात्रि में मंदिरों में पूजा-अर्चना और प्रमुख घाटों पर गंगा आरती की गई। चंद्रग्रहण दोपहर 3:27 बजे से शाम 6:57 बजे तक रहा। चंद्रग्रहण का सूतक कई घंटे पहले ही शुरू हो गया था, जिसकी वजह से ऋषिकेश में चंद्रेश्वर मंदिर, वीरभद्र महादेव मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, गोपाल मंदिर, दून मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर, त्रिवेणी घाट स्थित रघुनाथ मंदिर समेत तमाम मंदिरों के कपाट सुबह से लगभग सात बजे शाम तक बंद रहे। ग्रहण समापन के बाद मंदिरों को धोया गया और फिर वहां पूजा-अर्चना की गई। तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि ग्रहण काल को शास्त्रों में 'सूतक' का समय...
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