वाराणसी, मार्च 3 -- वाराणसी। चंद्रग्रहण के कारण इस वर्ष होलिका दहन को लेकर आयोजकों का असमंजस बरकरार है। जनपद में कई जगहों पर सोमवार की रात होलिका दहन हुआ जबकि कई स्थानों पर होलिका मंगलवार की रात जलाने की तैयारी की गई है। काशी में परंपरागत होलिका दहन को लेकर दो तरह की मान्यताओं पर चर्चा हुई। कुछ लोगों ने ग्रहण से पूर्व होलिका दहन कर दिया तो कुछ ने ग्रहण का अशुभ प्रभाव समाप्त होने के बाद होलिका दहन करना तय किया है। सोमवार को कई स्थानों पर भोर में तीन और पांच बजे होलिका दहन किया गया जबकि शहरी क्षेत्र में कई जगहों पर होलिका के सामने सूचना लिख दी गई है। दहन के लिए अर्धरात्रि से लेकर भोर तक का समय नियत किया गया है।
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