चंदेलकालीन धरोहरों का होगा संरक्षण, राजस्थान से पहुंची टीम
चित्रकूट, अगस्त 13 -- चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट के चंदेलकालीन धरोहरों का संरक्षण करने में पुरातत्व विभाग जुट गया है। जीर्ण-शीर्ण हो रही इन धरोहरों को मरम्मत कराकर मूल स्वरुप में स्थापित किया जा रहा है। इसकी शुरुआत गोंडा स्थित दो मंदिरों में की गई है। राजस्थान से आए विशेष कारीगरों की टीम ऐतिहासिक विरासत को संवारने में जुटी है। भरतकूप के पास गोंडा गांव स्थित चंदेलकालीन दो प्राचीन मंदिर के मंडप के क्षतिग्रस्त, दरार युक्त, भग्नावशेष के संरक्षण एवं पुनस्र्थापन का कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कर रहा है। इन दोनो मंदिरों में करीब 15 लाख रुपये की लागत से कार्य शुरु किया गया है। संरक्षण के तहत मंदिर के मंडप के भग्नावशेष के भारी पत्थरों को ऊपरी भाग से नींव (फाउंडेशन) तक वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से हटाकर पुन: मूल स्वरूप में स्थापित (री...
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