मोतिहारी, मई 7 -- घोड़ासहन। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायतों में लोहिया स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। घोड़ासहन प्रखंड के 14 पंचायतों में से 11 में औसतन सात लाख रुपयों की लागत से कचरा प्रबंधन इकाई का निर्माण कराया गया है जो बिना उपयोग के ही अब ध्वस्त होने लगा है। सभी इकाईयों में कचरे को जमा कर वर्षों से छोड़ दिया गया है। इसका प्रसंस्करण कभी नहीं किया गया। प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रसंस्करण इकाई की स्थापना लाखों की लागत से की गयी। परन्तु वह भी नकारा बना हुआ है। कचरा ढोने के लिए सभी वार्डों में एक ई-रिक्शा के साथ स्वच्छता कर्मी की प्रतिनियुक्ति की गयी है जिसे 3000 रूपये का मानदेय दिया जाता है तथा सभी पंचायतों में साढ़े सात हजार के मानदेय पर स्वच्छता पर्यवेक्षक की प्रतिनियुक्ति की गयी है। यह भी पढ़ें- हर महीने लाखों खर्च लेकिन नहीं मिल रही सु...